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आचार्य श्री १०८ गुप्तिनंदी जी महाराज

१ अगस्त १९७२ श्रावण शुक्ला सप्तमी दिन गुरूवार को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में श्री कोमल चंद जी जैन के घर मत त्रिवेणी बाई की कुक्षी से जन्मे श्री गुप्ती नंदी जी महाराज ।बचपन में किसे पता था यह छोटा सा बालक बड़ा होकर आचार्य पद धारण कर जैन धर्म का नाम रोशन करेगा ।अट्ठारह वर्ष की छोटी से आयु में तुमने आचार्य श्री कुन्थु सागर जी से मुनि पद अंगीकार किया और आप का नाम हुआ मुनि श्री १०८ गुप्ती नंदी जी महाराज ।आपने अपनी रचनाओ से जैन सहित्य को सम्रद्ध किया ।सन २००१ में आचार्य श्री ने आपकी योग्यता देख कर आपको आचार्य पद दिया और आप हो गए आचार्य श्री १०८ गुप्तिनंदी जी महाराज ।आपने कई लोगो को ब्रह्मचर्य व्रत देकर उनके जीवन को धन्य किया।आपने राजस्थान ,मध्य प्रदेश,हरियाणा.उत्तर प्रदेश,महाराष्ट्र में चातुर्मास करके जैन धर्म की ध्वजा फेहराई।

संक्षिप्त परिचय

जन्म: ०१-०८-१९७२ ,श्रावण शुक्ला सप्तमी
जन्म स्थान : भोपाल (एम्. पी.)
लौकिक शिक्षा : बी० काम ०
माता का नाम : श्रीमती त्रिवेणी बाई
पिता का नाम : स्व० श्री कोमल चंद जी जैन
मुनि दीक्षा तिथि : 22 जुलाई 1991
मुनि दीक्षा स्थान : रोहतक ,हरियाणा
दीक्षा गुरु : गणाधिपति श्री कुन्थु सागर जी महाराज
आचार्य पद तिथि: 27 मई 2001
आचार्य पद प्रदाता: गणाधिपति श्री कुन्थु सागर जी महाराज
शिक्षा गुरु : वैज्ञानिक धर्माचार्य श्री कनक नंदी जी गुरुदेव
रचनायें : श्री रत्नत्रय विधान , श्री रत्नत्रय आराधना , श्री रत्नत्रय भक्ति सरिता , श्री नवग्रह शांति विधान , श्री नवग्रह शांति चालीसा , श्री लघु गणधर वलय विधान , सावधान ( काव्य संग्रह )
संघस्थ त्यागीगण: 1. मुनि श्री सुयशगुप्तजी 2. मुनिश्री चन्द्रगुप्तजी 3. गणिनी आर्यिकाश्री क्षमाश्री माताजी 4. आर्यिकाश्री आस्थाश्री माताजी 5. क्षुल्लकश्री सुधर्मगुप्त जी 6. क्षुल्लिकाश्री धन्यश्री माताजी


 


आचार्य श्री १०८ आदिसागर जी महाराज (अंकलीकर)
आचार्य श्री १०८ महावीर कीर्ति जी महाराज
गणाधिपति श्री कुन्थु सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ गुप्तिनंदी जी महाराज

Aacharya Shri 108 Guptinandi Ji Maharaj

Brief Introduction

Birth :
01.08.1972
Birth Place: 
Bhopal ,M.P.
Eduction :
B.Com.
Mothers Name :
Smt. Triveni Bai
Father’s Name :
Shri Komalchand Jain
Muni Diksha :
22 July 1991
Diksha Guru :
Shri Kunthusagar ji Maharaj
Place of Muni Diksha :
Rohtak ,Hariyana
Aacharya Pad :
27 May 2001
Acharya Pad Pradata:
Shri Kunthusagar ji Maharaj
Aacharya Pad Place:
Indore ,M.P.
Shiksha Guru
Aacharya Shri 108 Kanak Nandi Ji Gurudev
Website
http://www.jainacharyaguptinandiji.org


Aacharya Shri 108 Aadisagar Ji Maharaj (Anklikar)
Aacharya Shri 108 Mahaveer Kirti Ji Maharaj
Gandharacharya Shri 108 Kunthu Sagar Ji Maharaj
Acharya Shri 108 Guptinandi Ji Maharaj