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आचार्य श्री १०८ ज्ञान सागर जी


संक्षिप्त परिचय

जन्म: वैशाख शुक्ल २ ,विक्रम संवत १ ,१ मई १९५७
जन्म स्थान : मुरेना (म.प्र.)
जन्म का नाम उमेश कुमार जैन
माता का नाम : श्रीमती अशर्फी देवी
पिता का नाम : श्री शांतिलाल जी जैन
ब्रह्मचर्य व्रत : सन १९७४
क्षुल्लक दीक्षा : ०५-११-१९७६ ,सोनागिरी जी
क्षुल्लक दीक्षा नाम : क्षुल्लक श्री १०५ गुण सागर जी
क्षुल्लक दीक्षा गुरु : आचार्य श्री १०८ सुमति सागरजी महाराज
मुनि दीक्षा : ३१-०३-१९८८ महावीर जयंती के दिन
मुनि दीक्षा का स्थान : सोनागिरी
उपाध्याय पद : ३०-११-१९८९
उपाध्याय पद का स्थान : सरधना ,जिला मेरठ (उ.प्र.)
मुनि दीक्षा गुरु : आचार्य श्री १०८ सुमति सागर जी महाराज
आचार्य पद : १७ मार्च २०१३ (घोषित )
आचार्य पद प्रदाता :  

 

आचार्य श्री सन्मतिसागर जी महाराज समाधि प्रसंग विवरण :-आधी रात को सिंहरथ प्रवर्तक, त्रिलोकतीर्थ प्रणेता परम पूज्य विद्याभूषण आचार्य श्री सन्मतिसागर जी महाराज को अचानक छाती में दर्द हुआ तो तभी कुछ लोग इकठा हुआ और एक जैन डॉक्टर को बुलाया गया तथा उन्होंने आचार्य श्री का ट्रीटमेंट therapy से थोडा बहुत किया... अब कुछ खा या पी तो सकते नहीं, जितना हो सका डॉक्टर आदि लोगो ने मिलकर किया, जिससे महाराज जी कुछ relief हुआ, तभी रात को महाराज जी ने समाधि की बात कही... सुबह हुई तो महाराज जी आहार नहीं लिया और अपने संघ के मुनिराजो को आने को बोल दिया... सब संघ मुनिराज, माता जी आदि जल्दी से वहा पहुच जाए, तथा आचार्य श्री के कुछ घर सम्बन्धी भी पहुचे तब आचार्य श्री ने सबको कहा की अगर मेरी तबियत खराब होती है तो भी आप डॉक्टर को नहीं बुलाओगे, और मेरी जीवनभर की तपस्या को खराब नहीं करोगे ! फिर महाराज जी बोले मेरी तबियत ठीक नहीं है और सामायिक का समय भी हो रहा है तो मैं सामायिक करता हूँ अब, फिर आचार्य श्री सामायिक करने ध्यान में बैठ गए... और उस समय आचार्य श्री के परिणाम बहुत निर्मल और शांत थे, बस सामायिक करते करते ही उनकी समाधी हो गयी !! आचार्य श्री के पावन चरण कमलो में हमारा त्रिवर नमोस्तु ! ॐ शांति !आचार्य श्री की समाधि के बाद आचार्य श्री की इच्छा के अनुसार उपध्याय श्री १०८ ज्ञान सागर जी महाराज को आचार्य पद देने की घोषणा की गयी ।

आचार्य श्री १०८ शांति सागर जी महाराज (छाणी)
आचार्य श्री १०८ सूर्य सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ विजय सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ विमल सागर जी महाराज (भिंड वाले)
आचार्य श्री १०८ सुमति सागर जी महाराज
आचार्य श्री विद्याभूषण सन्मति सागर जी

Aacharya Shri 108 Gyan Sagar Ji Maharaj



Brief Introduction

Birth :
Vaishakh Shukl 2,1 May 1957
Birth Place: 
Morena (M.P)
Birth Name :
Umesh Kumar Jain
Mothers Name :
Shrimati Asharfi Devi Jain
Father’s Name :
Shri Shantilal Ji Jain
Brhamcharya Vrat:
Year 1974
Kshullak Diksha:
Year 1976
Muni Diksha :
1988 Mahaveer Jyanti
Place of Muni Diksha :
Sonagiri
Diksha Guru :
Aacharya Shri 108 Sumati Sagar
Upadhayay Pad :
30-11-1989
Upadhayay Pad Guru:
Aacharya Shri 108 Sumati Sagar
Upadhayay Pad Place:
3Sardhana District Merath
Pattacharya Pada:
17-03-2013 (Declared)
Place of Acharya Pada:


Aacharya Shri 108 Shantisagar Ji Maharaj (Uttar)
Aacharya Shri 108 Surya Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Vijay Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Vimal Sagar Ji Maharaj(Bhind)
Aacharya Shri 108 Sumati Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Vidyabhushan Sanmati Sagar Ji Maharaj