आचार्य श्री १०८ वर्धमान सागर जी महाराज

आचार्य श्री १०८ वर्धमान सागर जी महाराज का जीवन परिचय

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चमत्कार को नमस्कार नहीं, बल्कि नमस्कार में चमत्कार छुपा हुआ होता है अगर भक्ति निष्काम हो तो | आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज जब मुनि अवस्था में थे तब दीक्षा के उपरांत महाराज की नेत्र ज्योति चले गई थी , तब उन्होंने जयपुर (खानिया जी ) के चन्द्रप्रभु मंदिर में शांति भक्ति का पाठ किया था तब 52 घंटो के बाद नेत्र ज्योति वापस आई थी
आचार्य श्री १०८ शांति सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ वीर सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ शिव सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ ज्ञान सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ विद्या सागर जी महाराज
या
आचार्य श्री १०८ शांति सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ वीर सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ शिव सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ धर्म सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ अजित सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ वर्धमान सागर जी महाराज

Aacharya Shri 108 Vardhmaan Sagar Ji Maharaj

 


Brief Introduction



Aacharya Shri 108 Shantisagar Ji Maharaj (Charitra Chakravarti)
Aacharya Shri 108 Veersagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Shiv Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Gyan Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Vidya Sagar Ji Maharaj
OR
Aacharya Shri 108 Shantisagar Ji Maharaj (Charitra Chakravarti)
Aacharya Shri 108 Veersagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Shiv Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Dhram Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Ajit Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Vardhamaan Sagar Ji Maharaj