logo1 logo2
Tirthnkar_Mother_dream
tirthnkar_detail-2

आचार्य श्री वीर सागर जी


संक्षिप्त परिचय

जन्म: विकर्म संवत १९८०
जन्म स्थान : ग्राम बिजपुरी जिला भिंड
जन्म का नाम श्री राम स्वरुप जैन
माता का नाम : श्रीमती कुअर देवी जैन
पिता का नाम : श्रीमान मोहरमल जी जैन
क्षुल्लक दीक्षा : विक्रम संवत २०३३
दीक्षा का स्थान : श्री सिद्ध क्षेत्र सोनागिरी जी जिला दतिया
मुनि दीक्षा :  
मुनि दीक्षा का स्थान : श्री थुवोन जी
मुनि दीक्षा गुरु : आचार्य श्री १०८ सुमति सागरजी महाराज
आचार्य पद :  
आचार्य पद का स्थान :  
समाधि मरण : २३-०१-२००५,दिन रविवार
समाधी स्थल :  

आचार्य श्री वीर सागर जी महाराज का गृहस्थ नाम श्री राम स्वरुप जैन था । उनके माता पिता का नाम श्रीमती कुअर देवी जैन एवं श्रीमान मोहरमल जी जैन था।आपका जन्म ग्राम बिजपुरी जिला भिंड में विकर्म संवत १९८० को हुआ था।आपने क्षुल्लक दीक्षा श्री सिद्ध क्षेत्र सोनागिरी जी जिला दतिया में संवत २०३३ में तथा मुनि दीक्षा श्री थुवोन जी में परम पूज्य आचार्य श्री १०८ सुमति सागरजी महाराज से ग्रहण की।
दिनांक २३-०१-२००५ दिन रविवार प्रात:कालीन बेला समय ३:१५ बजे परम पूज्य आचार्य श्री वीर सागर जी का भगवत नाम स्मरण करते हुए इस नश्वर शरीर का त्याग कर दिया ।वैसे तो आचार्य श्री का स्वास्थय २००२-२००३ से ठीक नहीं चल रहा था,लेकिन समाधि के दो माह पूर्व उनका स्वास्थ्य बिना ओषधि के चमत्कारिक रूप से ठीक हो गया था।शरीर में विशेष चमक आ गयी थी।समाधि के समय आचार्य श्री सौभाग्य सागर जी महाराज का सानिध्य उन्हें प्राप्त हुआ ।

 


आचार्य श्री १०८ शांति सागर जी महाराज (छाणी)
आचार्य श्री १०८ सूर्य सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ विजय सागर जी महाराज
आचार्य श्री १०८ विमल सागर जी महाराज (भिंड वाले)
आचार्य श्री १०८ सुमति सागर जी महाराज
आचार्य श्री वीर सन्मति सागर जी

Aacharya Shri 108 Sumati Sagar Ji Maharaj


Brief Introduction

Birth :
Samvat 1980
Birth Place: 
Bijpur,Bhind
Birth Name :
Shri Ramswavroop Jain
Mothers Name :
Shrimati Kuvar Devi Jain
Father’s Name :
Shri Moharmal Ji Jain
Kshullak Diksha :
Vikram Samvat 2033,
Place of Elak Diksha :
Sonagiri,Datiya
Muni Diksha :
 
Place of Muni Diksha :
 
Diksha Guru :
Aacharya Shri 108 Sumati Sagar Ji Maharaj
Acharya Pada:
 
Place of Acharya Pada:
 
Samadhi :
23-01-2005
Samadhi Place :
 

Aacharya Shri 108 Shantisagar Ji Maharaj (Uttar)
Aacharya Shri 108 Surya Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Vijay Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Vimal Sagar Ji Maharaj(Bhind)
Aacharya Shri 108 Sumati Sagar Ji Maharaj
Aacharya Shri 108 Veer Sagar Ji Maharaj