UPADHYAYAS
The title Upadhyayas is given to those Sadhus who have acquired a special knowledge of the Ägams and philosophical systems. They teach Jain scriptures to sadhus and sadhvis.

उपाध्याय परमेष्ठी

जो रत्नत्रय से युक्त होकर नित्य ही धर्मोपदेश में निरत रहते है वे उपाध्याय परमेष्ठी कहलाते है । उपाध्याय परमेष्ठी समस्त शास्त्रों के पारगामी होते है ,अन्य साधुओ को अध्ययन- अध्यापन करना इनका मुख्य कार्य है । मुनिसंघ में आचार्यों के बाद उपाध्यायों का दूसरा स्थान है ।