आखिर कब जागेंगे हम ?

धरती के देवता दिगंबर जैन मुनि जिनके पास किसी प्रकार का परिग्रह नहीं रहता।दिगंबर का अर्थ है दिशा ही जिसका अम्बर है ऐसे दिगंबर जैन मुनि जो अपने पास पिच्छी,शास्त्र और कमंडल (जो उनके संयम के उपकरण है )के आलावा कुछ भी परिग्रह नहीं रखते ।वो अपनी पूजा में ना तो खुश होते है और नाही उन्हें कोई गाली दे तो उसे श्राप देते है।दिनभर में १ बार शुद्ध मर्यादित आहार करते है वो भी इसलिए जिस से इस शारीर को धर्म के लिए चलाया जा सके। ऐसे दिगंबर जैन मुनि सचमुच धरती के देवता है।लेकिन आज के समय में होने वाली कुछ घटनाये हम सभी के लिए शर्मनाक है चाहे वो किसी मुनिराज पर चाकू से हमला हो या किसी मुनिराज पर उपसर्ग या किसी मुनिराज का विहार के समय दुर्घटना में अपने प्राणों का समता पूर्वक त्याग कर देना। यह पेज इसलिए इन छोटी छोटी दिखने वाली बड़ी घटनाओं के बारे बताने के लिए बनाया जा रहा है ।अगर आपको भी इन जैसी घटनाओं की जानकारी हो तो आप हमें भेजने का कष्ट करे जिनसे हम सब इन घटनाओं से अवगत हो सके और कोई कदम उठा सके जिनसे भविष्य में होने वाली ऐसी घटनाओं को रोक सके ।
इनके आलावा ऐसे जैन तीर्थ व् अतिशय क्षेत्रों का वर्णन भी यहाँ किया जायेगा जिसे आज जैन समाज ने अपने हाथों से खो दिया है या फिर भविष्य में खो देने की स्थिति में है ।और जिन्हें बचने के लिए जैन भाई बहन क्या कर सकते है इस पर भी विचार किया जायेगा ।

मुनि श्री १०८ प्रवचन सागर जी की कुत्ते के काटने से समाधि होना
मुनि श्री १०८ प्रबल सागर जी महाराज पर चाकू से हमला होना
आचार्य श्री विराग सागर जी पर उपसर्ग
मुनि श्री अमूल्यसागर जी महाराज का सड़क दुर्घटना में घायल होकर समाधि होना
मुनि श्री १०८ पूरब जी महाराज का सड़क दुर्घटना में शरीर का त्याग करना

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